क्या है विश्व की सर्वोच्च शक्ति ‘शिव लिंग’ का वास्तविक अर्थ ?

Share

Truth about Shiva Lingam in Hindi

shiv ling reality

आप GyanPanti.com पर पढ़ रहे हैं विश्व की सर्वोच्च शक्ति ‘शिव लिंग’ का वास्तविक अर्थ :

loading...

धर्मांतरण करने वाले, वामपंथियोंऔर अंग्रेज़ो ने शिवलिंग को गुप्तांग की संज्ञा कैसे दी और अब हम खुद शिवलिंग को शिव् भगवान का गुप्तांग समझने लगे हे और दूसरे लोगो को भी ये गलत जानकारी देने लगे हे।

प्रकृति से शिवलिंग का क्या संबंध है ..?

जाने शिवलिंग का वास्तविक अर्थ क्या है और कैसे इसका गलत अर्थ  निकालकर हिन्दुओं को भ्रमित किया…??

 

कुछ लोग शिवलिंग की पूजा की आलोचना करते हैं..।

वामपंथी संस्थाएं, मशीनरी छोटे-छोटे बच्चों के दिमाग में जहर भरने का काम करते हैं । मूर्खों को संस्कृत का ज्ञान नहीं होता है..और अपने छोटे’छोटे बच्चों को हिन्दुओं के प्रति नफ़रत पैदा करके उन्हें गलत राह पर धकेल देते हैं।संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है । इसे देववाणी भी कहा जाता है।

 

लिंग

लिंग का अर्थ संस्कृत में चिन्ह, प्रतीक होता है… जबकी जनर्नेद्रीय को संस्कृत मे शिशिन कहा जाता है।

 

शिवलिंग

शिवलिंग का अर्थ हुआ शिव का प्रतीक…. पुरुषलिंग का अर्थ हुआ पुरुष का प्रतीक इसी प्रकार स्त्रीलिंग का अर्थ हुआ स्त्री का प्रतीक और नपुंसकलिंग का अर्थ हुआ नपुंसक का प्रतीक।

अब यदि जो लोग पुरुष लिंग को मनुष्य की जनेन्द्रिय समझ कर आलोचना करते है तो वे बताये ”स्त्री लिंग ”’के अर्थ के अनुसार स्त्री का लिंग होना चाहिए ।

 

‘शिवलिंग’ क्या है ?

शून्य, आकाश, अनन्त, ब्रह्माण्ड और निराकार परमपुरुष का प्रतीक होने से इसे लिंग कहा गया है । स्कन्दपुराण में कहा है कि आकाश स्वयं लिंग है। वातावरण सहित घूमती धरती तथा सारे अनन्त ब्रह्माण्ड ( क्योंकि, ब्रह्माण्ड गतिमान है ) का अक्स/धुरी (axis) ही लिंग है। शिव लिंग का अर्थ अनन्त भी होता है अर्थात जिसका कोई अन्त नहीं है और ना ही शुरुआत।

 

शिवलिंग का अर्थ लिंग या योनी नहीं होता ।
दरअसल यह गलतफहमी भाषा के रूपांतरण और मलेच्छों, यवनों के द्वारा हमारे पुरातन धर्म ग्रंथों को नष्ट कर दिए जाने पर तथा बाद में षडयंत्रकारी अंग्रेजों के द्वारा इसकी व्याख्या से उत्पन्न हुआ है ।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक ही शब्द के विभिन्न भाषाओँ में अलग-अलग अर्थ निकलते हैं । उदाहरण के लिए यदि हम हिंदी के एक शब्द “सूत्र” को ही ले लें तो सूत्र का मतलब डोरी/धागा गणितीय सूत्र कोई भाष्य अथवा लेखन भी हो सकता है। जैसे कि नासदीय सूत्र ब्रह्म सूत्र इत्यादि ।

उसी प्रकार “अर्थ” शब्द का भावार्थ : सम्पति भी हो सकता है और मतलब (मीनिंग) भी । ठीक बिल्कुल उसी प्रकार शिवलिंग के सन्दर्भ में लिंग शब्द से अभिप्राय चिह्न, निशानी, गुण, व्यवहार या प्रतीक है ।

धरती उसका पीठ या आधार है और सब अनन्त शून्य से पैदा हो उसी में लय होने के कारण इसे लिंग कहा है।तथा कई अन्य नामों से भी संबोधित किया गया है। जैसे : प्रकाश स्तंभ/लिंग, अग्नि स्तंभ/लिंग, उर्जा स्तंभ/लिंग, ब्रह्माण्डीय स्तंभ/लिंग (Cosmic pillar/Lingam)

ब्रह्माण्ड में दो ही चीजे हैं: ऊर्जा और प्रदार्थ। हमारा शरीर प्रदार्थ से निर्मित है और आत्मा ऊर्जा है। इसी प्रकार शिव पदार्थ और शक्ति ऊर्जा का प्रतीक बन कर शिवलिंग कहलाते हैं।
ब्रह्मांड में उपस्थित समस्त ठोस तथा ऊर्जा शिवलिंग में निहित है। वास्तव में शिवलिंग हमारे ब्रह्मांड की आकृति है.

कृपया अगले पेज पर क्लिक करे–>>

loading...

Comments

Comments Below

Related Post

GyanPanti Team

पुनीत राठौर, www.gyanpanti.com वेबसाइट के एडमिन हैं और यह Ad Agency में बतौर आर्ट डायरेक्टर कार्यरत हैं. इन्हें नयी-नयी जानकारी हासिल करने का शौक हैं और उसी जानकारी को आपके पास पहुचाने के लिए ही है ब्लॉग बनाया गया हैं. आप हमारी पोस्ट को शेयर कर इन जानकारियों को बाकी लोगो तक पहुचाने में हमारी सहायता कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close