जानिये घडी की सुइयों के घुमने के पीछे का रोचक राज

Share

Special Mystery On Clockwise Clock in Hindi

3 mystery clockwise pi 124

loading...

5. वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन समय में लोगों ने उत्तरी गोलार्ध में रहते हुए समय का अंदाजा लगाना शुरु किया था इसीलिए यह सारा सिस्टम क्लॉक वाइस बना। अगर वह लोग दक्षिणी गोलार्ध में रहते तो शायद यह चीज कुछ और होती और यही कारण है कि घड़ी की सुइयां भी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है।

 

6. बहरहाल, भारत देश में ज्योतिष का स्तर और समयानुमान काफी सटीकता से लगाया जाता था। इसकी वजह भारत की जलवायु भी है। भारत में मौसम समान समय में बदल जाते हैं। एक अंदाजे के मुताबिक तय समय पर सूर्य उत्तरायण और दक्षिणायन में कूच करता है तो भारत में मौसम की जानकारी मिलती जाती थी। फिर हमारे सहस्त्राब्दियों पुराने ग्रंथों में भी सूर्य की गति और दिशाओं में परिवर्तन की जानकारियां दी ही गई हैं, भीष्म की प्रतिज्ञा के बारे में तो पता ही होगा। ऐसे में शायद हमें यूरोपीय लोगों की तरह घड़ियों की जरूरत ही नहीं पड़ी कि हम एक एक सेकंड घड़ी की सुइयों पर काटे।

 

 

लेटेस्ट अपडेट व लगातार नयी जानकारियों के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करे, आपका एक-एक लाइक व शेयर हमारे लिए बहुमूल्य है | अगर आपके पास इससे जुडी और कोई जानकारी है तो हमे publish.gyanpanti@gmail.com पर मेल कर सकते है |
Thanks!
(All image procured by Google images)

loading...

Comments

Comments Below

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close