भंसाली की धूर्तता, दिखाने जा रहे है बलात्कारी खिजली को रानी पद्मावती का प्रेमी

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Sanjay Bhansali’s Movie Rani Padmavati Movie Controversy, Hindi

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यह पोस्ट gyanpanti.com के एक पाठक ने हमे भेजी है जिसे पेज संख्या व फोटोज हमने दी है, इस पोस्ट के तथ्यों एवं विचारो की हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है |

अरे… शीर्षक से चौकिये मत, जबसे हमने सुना है की बॉलीवुड के सेक्युलर टाइप भंसाली साब, रानी पद्मावती और बलात्कारी खिजली के ऊपर फिल्म बनाने जा रहे है जिसे भंसाली के पालतू…अर्रेई मतबल की पैसे पर रखे हुए एक लेखक यानी की “प्रकाश कपाडिया” ने लिखी है तभी से हम सकते में है, पहले तो इसका स्टोरी लाइन ही गंदी लग रही है “जो अलाउद्दीन खिजली का चित्तौड़ की रानी पद्मावती के प्रति प्रेम” और दूसरा हमे पहले ही पता था की भंसाली के बिगड़े दिमाग की उपज ऐसी ही होगी |

वैसे प्रेम शब्द और वहशी अलाउद्दीन खिजली में क्या समानता देखी हवस (प्रेम) के पुजारी संजय लीला भंसाली ने यह तो वह ही बता सकते है क्योंकि भंसाली यह फिल्म तभी बना सकता है जब उसे हवस और प्रेम एक जैसा लगता हो लेकिन पैसे में अंधे हो चुके भंसाली को नहीं पता की एक राजपूतानी का सच्चा प्रेम केवल उसका पति ही होता है और उसके बाद अगर कुछ होता है तो वह है सिर्फ जौहर | वैसे पता नहीं की भंसाली की बुद्धि देखकर लगता नहीं की इसे आत्महत्या और जौहर में कुछ फर्क पता होगा नहीं तो यह इस बलात्कारी अलाउद्दीन खिजली के ऊपर फिल्म न बनाने की सोचता |

वैसे कुछ उडती खबर यह भी हाथ लगी है की इस फिल्म में अरब देशो और अंडरवर्ल्ड का पैसा लगने वाला है और तभी भंसाली एक वहशी बलात्कारी खिजली को प्रेमी दिखाने में जुट चूका है, वैसे लोग तो यह भी कहते है की “बाजीराव मस्तानी” फिल्म में भंसाली की औकात ही नहीं थी की यह बाजीराव के बारे में वास्तविकता दिखा सके अन्यथा कुछ लोग इसे चौराहे पर दौड़ा दौड़ा कर पिटते और तभी इसने बाजीराव की जिंदगी सिर्फ एक प्रेम कहानी पर समेत दी… खैर जो लोग ब्लू फिल्म यानी पोर्न फिल्म की डर्टी स्टार सनी लियॉन को भारतीय नारी दिखा सकते है उनके लिए तो यह सिर्फ खेल है |

लेकिन दोस्तों में आज आपको भारतीय इतिहास के सबसे बड़े जौहर और सबसे घिनौने मुस्लिम सुल्तान अलाउद्दीन खिजली की असलियत बताता हूँ जिसको दिखाने की औकात अलाउद्दीन खिजली के प्रेमी संजय लीला भंसाली में में नहीं है |

आइये जानते है वहशी अलाउद्दीन खिजली और महान राजपूत रानी पद्मावती के बारे में संक्षिप्त विवरण:

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Sanjay Bhansali’s Movie Rani Padmavati Movie ontroversy, Hindi

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वहशी अलाउद्दीन खिजली के कुछ फैक्ट्स जिन्हें दिखाने की भंसाली की सपने में भी औकात नहीं :

source link 1. अलाउद्दीन खिलजी (12 96-1316) जो जलालुद्दीन का भतीजा और दामाद भी था, धोखे से, वृद्ध सुल्तान का वध कर दिल्ली की गद्दी पर बैठा। हिन्दुओं से लूटे हुए धन को दोनों हाथों से लुटा कर उसने जलालुद्दीन के विश्वस्त सरदारों को खरीद लिया अथवा कत्ल कर, दिया। 12 9 7 ई। में उसने अपने भ्राता मलिक मुइजुद्दीन और राज्य के मुखय आधार नसरत खाँ को, जो एक उदार और बुद्धिमान योद्धा था, गुजरात में कैम्बे (खम्भात) पर, जो आबादी और संपत्ति में भारत का विखयात नगर था, आक्रमण के लिये भेजा। चौदह हजार (14,000) घुड़सवार और बीस हजार (20,000) पैदल सैनिक उनके साथ थे। (47)

 

http://freakincars.com/?q=cheap-price-viagra 2. मंजिल पर मंजिल पार करते उन्होंने खम्भात पहुँच कर प्रातःकाल ही उसे घेर लिया, जब वहाँ के निवासी सोये हुए थे। उनीदे नागरिकों की समझ में नहीं आया कि क्या हुआ। भगदड़ में माताओं की गोद से बच्चे गिर पड़े। सैनिकों ने उस भूमि में क्रूरतापूर्वक चारों ओर मारना काटना प्रारंभ कर दिया। रक्त की नदियाँ बह गई। उन्होंने इतना सोना और चाँदी लूटा जो कल्पना के बाहर है और अनगिनत हीरे, जवाहरात, सच्चे मोती, लाल औरपन्ने इत्यादि। अनेक प्रकार के छपे, रंगीन, जरीदार रेशमी और सूती कपड़े। (48)

 

generic viagra price 3. ‘उन्होंने बीस हजार (20,000) सुंदर युवतियों को और अनगिनत अल्पायु लड़के-लड़कियों को पकड़ लिया। संक्षेप में कहें तो उन्होंने उस प्रदेश में भीषण तबाही मचा दी। वहाँ के निवासियों का वध कर दिया उनके बच्चों को पकड़ ले गये। मंदिर वीरान हो गये। सहस्त्रों मूर्तियाँ तोड़ डाली गयीं। इनमें सबसे बड़ी और महत्त्वपूर्ण सोमनाथ की मूर्ति थी। उसके टुकड़े दिल्ली लाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर बिछा दिये गये जिससे प्रजा इस शानदार विजय के परिणामों को देखे और याद करे। (4 9)

 

http://charltonisland.com/?q=viagra-online-purchase-uk 4. रणथम्भौर पर आक्रमण के लिये अलाउद्दीन ने स्वयं प्रस्थान किया। जुलाई 1301 ई। में विजय प्राप्त हुई। किले के अंदर तमाम स्त्रियाँ जौहर कर चिता में प्रवेश कर गईं। उसके बाद पुरुष तलवार लेकर मुस्लिम सेना पर टूट पड़े और कत्ल कर दिये गये। सभी देवी देवताओं के मंदिर ध्वस्त कर दिये गये। (4 9क)

 

follow 5. अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली में कुतुबमीनार से भी बड़ी मीनार बनाने का इरादा किया तो पत्थरों के लिए मंदिरों को तुड़वा दिया गया। उस स्थान पर उन मंदिरों के पत्थरों से ही ‘कव्बतुल इस्लाम मस्जिद’ का निर्माण भी किया जो आज भी शासन द्वारा सुरक्षित राष्ट्रीय स्मारकों के रूप में मौजूद है।

 

source 6. उज्जैन में भी सभी मंदिर और मूर्तियों का यही हाल हुआ। मालवा की विजय पर हर्ष प्रकट करते हुए खुसरो लिखता है कि ‘वहाँ की भूमि हिन्दुओं के खून से तर हो गई।’ (50)

 

source 7. चित्तौड़ के आक्रमण में अमीर खुसरो के अनुसार इस सुल्तान ने 3,000 (तीन हजार) लोगो को कत्ल करवाया। (51) (संजय लीला भंसाली इसी आक्रमण के ऊपर फिल्म बनाने जा रहा है)

 

cheap source viagra 8. ‘जो वयस्क पुरुष इस्लाम स्वीकार करने से इंकार करते थे, उनको कत्ल कर देना और द्गोष सबको, स्त्रियों और बच्चों समेत, गुलाम बना लेना साधारण नियम था। अलाउद्दीन खिलजी के 50,000 (पचास हजार) गुलाम थे जिनमें अधिकांद्गा बच्चे थे। फीरोज तुगलक के एक लाख अस्सी हजार (1,80,000) गुलाम थे। ‘ (52)

 

http://chhattisgarhdigest.com/?q=buy-viagra-canada 9. अलाउद्दीन खिलजी के समय, जियाउद्दीन बर्नी की दिल्ली का गुलाम मंडली के विषय में की गई टिप्पणी है कि आये दिन मंडी में नये-नये गुलामों की टोलियाँ बिकने आती थीं। (53) दिल्ली अकेली ऐसी मंडी नहीं थी। भारत और विदेशों में ऐसी गुलाम मंडियों की भरमार थी, जहाँ गुलाम स्त्री, पुरुष और बच्चे भेड़ बकरियों की भाँति बेचे और खरीदे जाते थे।

सोर्स: http://bit.ly/29KTVFc

 

दोस्तों सच्चाई बहुत ही कड़वी होती है और आपके मुंह का स्वाद भी यक़ीनन कड़वा हो गया होगा और यह तो बहुत ही कम बाते लिखी गयी है इस बलात्कारी वहशी खिजली के बारे में, मैं जल्द ही gyanpanti.com को इसकी पूरी कहानी रेफेरेंस सहित पोस्ट करूँगा |

(भंसाली की दस जन्मो में औकात नहीं है यह सब दिखाने की)

आगे के पृष्ठों में जानते है महान हिन्दू राजपूत रानी ‘पद्मावती’ के बारे में संक्षिप्त विवरण:

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रानी पद्मावती की सुन्दरता के बारे में सुनकर दिल्ली का तत्कालीन बादशाह अल्लाउद्दीन खिलजी पद्मिनी को पाने के लिए लालायित हो उठा और उसने रानी को पाने हेतु चितौड़ दुर्ग पर एक विशाल सेना के साथ चढ़ाई कर दी …।

आखिर उसके छ: माह से ज्यादा चले घेरे व युद्ध के कारण किले में खाद्य सामग्री अभाव हो गया तब राजपूत सैनिकों ने केसरिया बाना पहन कर जौहर और शाका करने का निश्चय किया | जौहर के लिए गोमुख के उतर वाले मैदान में एक विशाल चिता का निर्माण किया गया | रानी पद्मिनी के नेतृत्व में 16000 राजपूत रमणियों ने गोमुख में स्नान कर अपने सम्बन्धियों को अन्तिम प्रणाम कर जौहर चिता में प्रवेश किया | थोडी ही देर में देवदुर्लभ सोंदर्य अग्नि की लपटों में स्वाहा होकर कीर्ति कुंदन बन गया …।

जौहर की ज्वाला की लपटों को देखकर अलाउद्दीन खिलजी भी हतप्रभ हो गया | महाराणा रतन सिंह के नेतृत्व में केसरिया बाना धारण कर 30000 राजपूत सैनिक किले के द्वार खोल भूखे सिंहों की भांति खिलजी की सेना पर टूट पड़े भयंकर युद्ध हुआ गोरा और उसके भतीजे बादल ने अद्भुत पराक्रम दिखाया बादल की आयु उस वक्त सिर्फ़ बारह वर्ष की ही थी उसकी वीरता का एक गीतकार ने इस तरह वर्णन किया –

http://freebasstranscriptions.com/?q=tadalafil-india-pharmacy बादल बारह बरस रो, लड़ियों लाखां साथ,
सारी दुनिया पेखियो, वो खांडा वै हाथ ||

 

दोस्तों अब आप ही सोचिये की क्या भंसाली अपनी फिल्म में चित्तौड़ की वास्तविकता दिखा सकता है | मेरे तो सुनने में यह भी आया है की फिल्म से पहले ही संजय लीला भंसाली देश के कई दलाल पत्रकारों, दल्ले सेक्युलर मीडिया हाउस को, वास्तविक इतिहास झूठा साबित करने के लिए अनुबंधित कर चूका है |

अंत में मैं धन्यवाद कहना चाहूँगा gyanpanti.com का जिसने मेरे विचारो को अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने की अनुमति दी |

(रानी पद्मावती के ऊपर शीघ्र ही gyanpanti.com पर पोस्ट प्रकाशित की जाएगी)

 

 

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GyanPanti Team

पुनीत राठौर, www.gyanpanti.com वेबसाइट के एडमिन हैं और यह Ad Agency में बतौर आर्ट डायरेक्टर कार्यरत हैं. इन्हें नयी-नयी जानकारी हासिल करने का शौक हैं और उसी जानकारी को आपके पास पहुचाने के लिए ही है ब्लॉग बनाया गया हैं. आप हमारी पोस्ट को शेयर कर इन जानकारियों को बाकी लोगो तक पहुचाने में हमारी सहायता कर सकते हैं.

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