अवश्य जानियें, प्रभु श्री राम का सम्पूर्ण वंशावली परिचय

[nextpage title=”1″ ]

Complete Family Details of Lord Shri Rama, Hindi

3shri ram777

भगवान राम को सुर्यवंशी कहा जाता है। वे महाराज दशरथ के पुत्र थे, औऱ भारतवर्ष के परम प्रतापी राजा बने। भगवान राम के नाम से ही दिपावली, दशहरा इत्यादि बहुत से पर्व सनातन धर्म के लोग बनाते हैं। आज हम आपको भगवान राम के वंशजो के नाम बतायेंगे, जिनमें कई प्रख्यात राजाओं के नाम भी शामिल हैं।

ब्रह्माजी की उन्चालिसवी पीढ़ी में भगवाम श्रीराम का जन्म हुआ था .. सनातन धर्म में श्री राम को श्रीहरि विष्णु का सातवाँ अवतार माना जाता है।

source link वैवस्वत मनु के दस पुत्र थे – इल, इक्ष्वाकु, कुशनाम, अरिष्ट, धृष्ट, नरिष्यन्त, करुष, महाबली, शर्याति और पृषध।

श्री राम का जन्म इक्ष्वाकु के कुल में हुआ था और जैन धर्म के तीर्थंकर निमि भी इसी कुल के थे।

मनु के दूसरे पुत्र इक्ष्वाकु से विकुक्षि, निमि और दण्डक पुत्र उत्पन्न हुए।

इस तरह से यह वंश परम्परा चलते-चलते हरिश्चन्द्र, रोहित, वृष, बाहु और सगरतक पहुँची।

इक्ष्वाकु प्राचीन कौशल देश के राजा थे और इनकी राजधानी अयोध्या थी।

रामायण के बालकांड में गुरु वशिष्ठजी द्वारा राम के कुल का वर्णन किया गया है जो इस प्रकार है ………।

1 – ब्रह्माजी से मरीचि हुए।

2 – मरीचि के पुत्र कश्यप हुए।

3 – कश्यप के पुत्र विवस्वान थे।

4 – विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था।

5 – वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था।
इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की।

6 – इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए।

7 – कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था।

8 – विकुक्षि के पुत्र बाण हुए।

9 – बाण के पुत्र अनरण्य हुए।

10 – अनरण्य से पृथु हुए

11 – पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ।

12 – त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए।

13 – धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था।

14 – युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए।

15 – मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ।

16 – सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित।

17 – ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए।

18 – भरत के पुत्र असित हुए।

19 – असित के पुत्र सगर हुए।

20 – सगर के पुत्र का नाम असमंज था।

कृपया अगले पेज पर क्लिक करे–>>

[/nextpage][nextpage title=”2″ ]

Complete Family Details of Lord Shri Rama, Hindi

2shri ram777

21 – असमंज के पुत्र अंशुमान हुए।

22 – अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए।

23 – दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए।
भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था। भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे।

24 – ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए।
रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है।

25 – रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए।

26 – प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे।

27 – शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए।

28 – सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था।

29 – अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए।

30 – शीघ्रग के पुत्र मरु हुए।

31 – मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे।

32 – प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए।

33 – अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था।

34 – नहुष के पुत्र ययाति हुए।

35 – ययाति के पुत्र नाभाग हुए।

36 – नाभाग के पुत्र का नाम अज था।

37 – अज के पुत्र दशरथ हुए।

38 – दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए।

 

इस प्रकार भगवान राम के कुल का वर्णन हमें शास्त्रों से मिलता है, वह ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में जन्मे थे … .. जय राम जी की।

 

 

लेटेस्ट अपडेट व लगातार नयी जानकारियों के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करे, आपका एक-एक लाइक व शेयर हमारे लिए बहुमूल्य है | अगर आपके पास इससे जुडी और कोई जानकारी है तो हमे publish.gyanpanti@gmail.com पर मेल कर सकते है |
Thanks!
(All image procured by Google images)

[/nextpage]

GyanPanti Team

पुनीत राठौर, www.gyanpanti.com वेबसाइट के एडमिन हैं और यह Ad Agency में बतौर आर्ट डायरेक्टर कार्यरत हैं. इन्हें नयी-नयी जानकारी हासिल करने का शौक हैं और उसी जानकारी को आपके पास पहुचाने के लिए ही है ब्लॉग बनाया गया हैं. आप हमारी पोस्ट को शेयर कर इन जानकारियों को बाकी लोगो तक पहुचाने में हमारी सहायता कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *