क्यूबा क्रांति के जनक चे ग्वेरा के रोचक तथ्य | Che Guevara Facts in Hindi

[nextpage title=”1″ ]

Interesting Facts about Che Guevara, Hindi

che_guevara facts

क्यूबा क्रांति के जनक चे ग्वेरा के रोचक तथ्य | Che Guevara Facts in Hindi : दुनिया के हर हिस्से में अपने हक के लिये लड़ने वाले न जाने कितने लोग हर रोज उनसे प्रेरणा लेते हैं। वे डॉक्टर, लेखक, गुरिल्ला योद्धा, नेता, सामरिक सिद्धांतकार और कूटनीतिज्ञ भी थे। चे ग्वेरा, जिन्होंने दक्षिण अमेरिका के कई राष्ट्रों में क्रांति लाकर उन्हें स्वतंत्र बनाने का प्रयास किया।

आलम यह है कि ट्रकों, लॉरियों, बच्चों के खिलौनों से लेकर युवाओं के कपडों तक में ग्वेरा आज भी जिंदा है। चे ने ही ताकतवर अमरीका के ख़िलाफ एक दो नहीं कई विएतनाम खड़ा करने का दम भरा था। चे एक प्रतीक है व्यवस्था के ख़िलाफ युवाओं के ग़ुस्से का, उसके आदर्शों की लड़ाई का। जानिए ग्वेरा के जीवन की दिलचस्प बातें।

 

1. चे ग्वेरा का जन्म 14 जून 1928 को अर्जेन्टीना के रोसारियो शहर में हुआ। मेडिकल की पढ़ाई दौरान उनका सामना लोगों की गरीबी व भुखमरी से हुआ जिसने उन्हें हिला कर रख दिया।

 

2. चे ने युवावस्था में छोटी मोटर साइकिल से अर्जेंटिना की करीब 12 हजार किमी लंबी यात्रा की। बाद में यात्रा संस्मरणों पर उन्होंने किताब लिखी- मोटरसाइकिल डायरीज। 2004 में इस पर फिल्म भी बनी।

 

3. मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद ग्वेटेमाला में काम करते हुए उन्होंने अरबेंज के समाजवादी शासन के खिलाफ सीआईए की सजिशों को देखा जिसने उनके दिल में अमेरिकी साम्राज्यवाद के लिए नफरत भर डाली।

 

4. अमेरिकी समर्थन वाले तानाशाह फुल्गेन्सियो बतिस्ता के खिलाफ 26 जुलाई 1953 को क्यूबा में क्रांति की शुरुआत हुई।

 

5. चे इस क्रांति में फिदेल कास्त्रो के साथ हो गए। 1958 में बतिस्ता का तख्ता पलट दिया।

कृपया अगले पेज पर क्लिक करे–>>

[/nextpage][nextpage title=”2″ ]

Interesting Facts about Che Guevara, Hindi

che_guevara facts

6. 14ग्वेरा 30 जून, 1959 की शाम दिल्ली पहुंचे थे। वे छह महीने पहले क्यूबा में हुई सशस्त्र क्रांति के बड़े नायक थे। सरकार के गठन के बाद राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने उन्हें तीसरी दुनिया के देशों से संबंध कायम करने का जिम्मा सौंपा। क्यूबा की क्रांति के दूत बनकर चे ने कई देशों की यात्रा की। भारत सरकार से उन्हें खास बुलावा था।

 

7. चे को सेना के कमांडर की जिम्मेदारी मिली, लेकिन अन्य देशों में क्रांति के सूत्रपात के लिए उन्होंने क्यूबा छोड़ दिया। चे दक्षिण अमेरिका को एक देश बनाकर सीमा रहित हिस्पेनिक अमेरिका का गठन करना चाहते थे।

 

8. अमेरिकी साम्राज्यवाद के विरोधी चे ने गुरिल्ला युद्ध की नई अवधारणा दी। 1964 में यूएन में ऐतिहासिक संबोधन दिया। काँन्गो में चे ने विद्रोहियों को गुरिल्ला लड़ाई की पद्धति सिखाई. फिर चे ने बोलीविया में विद्रोहियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया।

 

9. अर्जेंटीना में जन्मे चे ग्वेरा की बोलिविया में गिरफ्तारी के एक दिन बाद 9 अक्टूबर, 1967 को हत्या कर दी गई थी। चे ग्वेरा को जब मारा गया उनकी उम्र 39 साल थी।

 

10. मरते वक्त चे ने हत्यारे बोलिवियाई सार्जेंन्ट टेरान से कहा था-तुम एक इंसान को मार रहे हो, पर उसके विचार को नहीं मार सकते।

 

11. टाइम मैगजीन ने चे को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल कर चुकी है।

 

12. युवाओं में चे का क्रेज है। उनके फोटो छपे टीशर्ट की अब तक सबसे ज्यादा बिक्री हुई है।

 

 

 

लेटेस्ट अपडेट व लगातार नयी जानकारियों के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करे, आपका एक-एक लाइक व शेयर हमारे लिए बहुमूल्य है | अगर आपके पास इससे जुडी और कोई जानकारी है तो हमे publish.gyanpanti@gmil.com पर मेल कर सकते है |
Thanks!
(All image procured by Google images)

[/nextpage]

GyanPanti Team

पुनीत राठौर, www.gyanpanti.com वेबसाइट के एडमिन हैं और यह Ad Agency में बतौर आर्ट डायरेक्टर कार्यरत हैं. इन्हें नयी-नयी जानकारी हासिल करने का शौक हैं और उसी जानकारी को आपके पास पहुचाने के लिए ही है ब्लॉग बनाया गया हैं. आप हमारी पोस्ट को शेयर कर इन जानकारियों को बाकी लोगो तक पहुचाने में हमारी सहायता कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *